1.5.22

S-116 बेइंतहा लंबा निकला

बेइंतहा लंबा निकला सफ़र मंज़िल का,
सफ़र ने ही छीन लिया मेरी मंज़िल को मुझसे।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-116

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