9.5.22

Q-062 उसकी नफरतों का

उसकी नफरतों का गिला क्या कीजे,
मुहब्बतों से जिसका वास्ता रहा नहीं,
खामोशियाँ ही बेहतर हैं अब उसकी,
उसकी ज़ुबान का  भरोसा रहा नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-062

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