23.5.22

M-032 दुनियाँ में जब

दुनियां मे जब ऐतबार ही रहा नहीं,
फिर प्यार भी कहाँ से रह पाएगा?
जब ख़ुदा भी बन गया हो बहरा, 
तो इंसाँ किससे बात कह पाएगा?

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-032

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K-007 सूरज को मैं

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