17.4.22

S-111 कभी यादों में

कभी यादों में कभी ख़्वाबों में कभी ख़्यालों में आते हो,
क्यों ज़िन्दगी को सिर्फ़ आने और चले जाने में बिताते हो ।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-111


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