22.4.22

P-078 ग़म क्या हैं

ग़म क्या हैं, वो आते हैं चले जाते हैं,
ग़म देने वाले मगर याद रह जाते हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-078

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K-007 सूरज को मैं

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