3.3.22

S-101 ज़िन्दगी का बस

ज़िन्दगी का बस उतना ही वक्त अच्छा गुज़र जाता है,
जितना तेरे ख़्वाब और तसव्वुर में वक़्त मेरा गुज़र जाता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-101

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K-007 सूरज को मैं

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