3.3.22

Q-050 मैंने तुझको जीने

मैंने तुझको जीने का सोचा ही नहीं,
ऐ ज़िन्दगी तुझ से बहुत बेज़ार हूँ मैं।
मैने तुझसे कोई क़र्ज़ लिया ही नहीं,
बता दे फिर क्यों तेरा कर्ज़दार हूँ मैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-050

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