12.3.22

P-073 कितना न्यारा है

कितना न्यारा है, स्वभाव हमारा तुम्हारा,
वक्त की मानिंद बदले सुर हमारा तुम्हारा।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-073

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