3.2.22

S-091 बेइंतहा शरीफ़

बेइंतहा शरीफ़ लोग मुझे अच्छे लगते हैं,
बदनाम जब कभी वो मुझे करने लगते हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-091

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K-007 सूरज को मैं

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