नज़र में रहा करो, बिछड़ों मत यारों,
फिर मिले तो पहचाने नहीं जाएंगे हम।
न जाने कौन कहाँ होगा, के ना होगा,
उम्र हो जाएगी ठिकाने नहीं पाएंगे हम।
फिर मिले तो पहचाने नहीं जाएंगे हम।
न जाने कौन कहाँ होगा, के ना होगा,
उम्र हो जाएगी ठिकाने नहीं पाएंगे हम।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-022
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