16.2.22

M-025 ये ज़माना

ये ज़माना कितनी तेज़ी से बदलता है,
जो था महंगा,आज मुफ़्त में मिलता है,
जितनी जद्दोजहद थी मुकाम पाने में,
'अजनबी' आज उतनी ही सरलता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-025

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