12.1.22

S-071 कुछ तो कमी

कुछ तो कमी रह गई होगी मुहब्बत में,
वरना मजबूरियां किसी को यूं बेवफ़ा नहीं करतीं। 
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-071

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