रवादारी, रिश्ते-नाते,और प्यार-मुहब्बत,
इंसानियत,अपनाइयत,उंसियत,मुरव्वत,
आइंदा वक्त में सब ही ख़त्म हो जाएंगे,
जो आजतक तो ज़िंदा थे कुछ हद तक।
इंसानियत,अपनाइयत,उंसियत,मुरव्वत,
आइंदा वक्त में सब ही ख़त्म हो जाएंगे,
जो आजतक तो ज़िंदा थे कुछ हद तक।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-040
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