24.1.22

P-051 ज़्यादा अच्छा होना

ज़्यादा अच्छा होना भी अच्छा नहीं औरों के साथ,
कभी -कभी बुरा होना भी बुरा नहीं बुरों के साथ।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-051

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K-007 सूरज को मैं

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