18.1.22

P- 045मेलजोल देखा

मेलजोल देखा हमने किस्म किस्म का,
हरेक में खेल है बस जिस्म जिस्म का।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  P -045

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K-007 सूरज को मैं

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