17.12.21

T-014 जीने का शऊर

जीने का शऊर आता नहीं,
ठोकरें खा लीं हैं इस कदर,
घमंड फिर भी जाता नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" T-026

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