17.12.21

P-040 अच्छी-बुरी यादें

अच्छी-बुरी यादें कभी मरती नहीं,
मगर इंसाँ को ज़रूर मार देती हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-040


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K-007 सूरज को मैं

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