28.11.21

S-058 ऐसा नहीं है

ऐसा नहीं है, कि वक्त से सब ज़ख्म भर ही जाते हैं।
वक्त हो ख़राब तो कुछ ज़ख्म हरे रह ही जाते हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-058

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