28.11.21

P-033 और कोई हमें


और कोई हमें क्या दर्द देगा, जब हमे
अपने ही ख़्यालात-जज़्बात काफ़ी हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-033

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