ख़्यालात के वास्ते जज़्बात चाहिए,
जज़्बात निकलने को अल्फ़ाज़ चाहिए,
लिखने सुनने को शायरी, ऐ "अजनबी",
दिल पर किसी चोट का एहसास चाहिए।
जज़्बात निकलने को अल्फ़ाज़ चाहिए,
लिखने सुनने को शायरी, ऐ "अजनबी",
दिल पर किसी चोट का एहसास चाहिए।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-023
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