8.11.21

Q-024 फ़क्त रूह से रूह

फ़क्त रूह से रूह का इश्क़ कभी होता नहीं,
जिस्म के बिना भी,  इश्क कहीं होता नहीं,
इश्क को जिस्म से जुदा समझने वालों,
हवाओं में आशिक़ माशूक कभी होता नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-024

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