दोनों ही हैं गुनाहगार हैं, तू भी मैं भी,
कोई दूध का धुला नहीं, तू भी मैं भी।
किसपे उठाएं उंगली, दौरे-हाज़िर में,
हमाम में सब ही हैं नंगे, तू भी, मैं भी।
कोई दूध का धुला नहीं, तू भी मैं भी।
किसपे उठाएं उंगली, दौरे-हाज़िर में,
हमाम में सब ही हैं नंगे, तू भी, मैं भी।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-022
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