5.11.21

M-015 दोनों ही हैं गुनहगार

दोनों ही हैं गुनाहगार, तू भी मैं भी,
कोई दूध का धुला नहीं, तू भी मैं भी।
किसपे उठाएं उंगली, दौरे-हाज़िर में,
हमाम में सब नंगे हैं, तू भी, मैं भी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  M-015
 

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