26.11.21

P-032 बहुत ही कम

बहुत ही कम मुस्कुराहट होठों पर अब  तो आती है,
पर जाने दो, बेचारी ग़मों से लड़ कर भी तो आती है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-032

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