26.11.21

S-054 ज़िन्दगी को मैं

ज़िन्दगी को मैं अब भी जीता हूँ,
कि मैं वक्त से हारा नहीं, जीता हूँ।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-054

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K-007 सूरज को मैं

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