15.11.21

P-024 कुछ बातें

कुछ बातें कही-सुनी तो जाती हैं, 
आंख से कहीं होती देखी नहीं जातीं हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  P-024

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K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...