15.11.21

Q-027 वो ख़ुद क्यों ना

वो ख़ुद क्यों ना बर्बाद हो जाएं,
पर हमें नाशाद करने पे तुले हैं।
हमारी कमनसीबी है कि उनकी,
ऐसे अहमक़ दोस्त हमें मिले हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-027

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