ज़िन्दगी है लंबी, जोड़ तोड़ बहुत हैं,
लंबे हैं सफ़र कि इनमें मोड़ बहुत हैं,
जोड़-जोड़के कहाँ तक संभाले कोई,
ज़िन्दगी में अब तोड़-फोड़ बहुत हैं।
लंबे हैं सफ़र कि इनमें मोड़ बहुत हैं,
जोड़-जोड़के कहाँ तक संभाले कोई,
ज़िन्दगी में अब तोड़-फोड़ बहुत हैं।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-019
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