22.11.21

Q-029 कहने को

कहने को तो बस ख़ामोशी है,
पर हर लम्हा कुछ बोलता है।
फ़रावानी हो अगर जज़्बात की,
तो दिल सर चढ़कर बोलता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  Q-029

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