3.10.21

M-006 वो तो फ़ारिग हो गया

वो तो फ़ारिग हो गया ज़ुल्म करके,

अब 'ज़ुल्मे-वक्त' की बारी आई है।

आंसू तो बह के निकल गए आंख से,

अब आंखें पथराने की बारी आई है।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-006


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