6.8.21

M-011 भूले हुओं को

भूले हुओं को बस यादों का सहारा है,
बिछुड़े हुओं को ख्वाबों का सहारा है,
समाप्त हो जाते हैं जब समस्त विकल्प,
जीवन जीने को दुआओं का सहारा है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-011

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