13.7.21

S- 029 ये तीरगी

तीरगी आमादा है ज़िन्दगी पर क़ाबिज़ होने को,
आख़री शुआ-ए-उम्मीद को भी आग़ोश में ले लिया उसने।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-021

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K-007 सूरज को मैं

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