16.6.21

P-007 वो इंसाँ अपनी

वो इंसाँ अपनी ज़िंदगी भला जियेगा कब,

जिसे सुख में और दुख में जीना न आया।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-007


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