16.6.21

M-007 है अगर भीड़

है अगर भीड़ संसद से ऊपर,

तो सदनों को भंग क्यों नहीं किया जाता।

है अगर फ़ैसला उपद्रवियों के हाथ मे,

तो संविधान निरस्त क्यों नहीं किया जाता।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-007


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