23.6.21

Q- 013 बेशक ज़माना भी

बेशक ज़माना भी बन जाता है दुश्मन  कभी-कभी,

कुछ लोग भी हैं जो ज़माने को दुश्मन बना लेते हैं।

रखते हैं तल्खियाँ भी, तमाम तवक्को भी ज़माने से,

पर इसी पे इल्ज़ाम, इसी पे तोहमतें वो लगा देते हैं।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  Q-013

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