21.6.21

P-009 उदासियों में

उदासियों में लोग ऐसे उदासीन हो गए हैं,

मानो, हृदयहीन ,भावनाविहीन हो गए हैं।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-009

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K-007 सूरज को मैं

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