21.6.21

Q- 012 और ज़्यादा तंग

और ज़्यादा तंग न कर ज़िन्दगी,

इतना घमंड भी न कर ज़िन्दगी,

हमने रोज़ तेरे जैसी हज़ारों को,

यूंही दम तोड़ते देखा है ज़िन्दगी। 


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-012  


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