21.6.21

S-018 मुहब्बत में भला

मुहब्बत में भला किसी को और क्या चाहिए,
दर्द देके गर कोई खुश है तो और क्या चाहिए। 

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-018

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K-007 सूरज को मैं

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