6.5.21

Q-003 मेरे 'अपने' हर हाल में

मेरे 'अपने' हर हाल में, मेरा हाल जान लेते हैं।

मेरी मुस्कुराहट में भी, मेरा दर्द पहचान लेते हैं।

बात को कितना भी घुमाफिरा कर पेश कर दूँ,

वो ज़हीन जो ठहरे, सही मतलब जान लेते हैं।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-003


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