26.5.21

M- 002 चुनाव-कला

चुनाव-कला  हिट, कभी अख़लाक़, कभी रोहित,

सत्ता सुख के मार्ग में चाहे,अन्य मरे, या मरे दलित.

झूंट सेक्युलरिज्म की रट बार बार लगती रहे,

भले ही दर-बदर फिरते रहे कोई कश्मीरी पंडित 

- वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"   M-002


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K-007 सूरज को मैं

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