23.5.24

Q-171 दिल अब किसी

दिल अब किसी से मिलता जुलता नहीं,
ऐसा ताला इस पर जड़ कर गए हो तुम।
कभी तो ख़बर ले लेते तुम उस दिल की,
इतने बरस जिसमे रह कर गए हो तुम।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-171

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