ख़ुद भी देहरूपी ईमारत को दुश्मन के हमले से बचा,
खुद भी कर संरक्षित उसे, कामाग्नि के हमले से बचा,
धारण करके चल देह पर उपयुक्त कवच, ऐ नारी तू,
सामने से आने वाले हर वार को स्वयं के दम से बचा।
खुद भी कर संरक्षित उसे, कामाग्नि के हमले से बचा,
धारण करके चल देह पर उपयुक्त कवच, ऐ नारी तू,
सामने से आने वाले हर वार को स्वयं के दम से बचा।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-108
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