24.5.24

M-107 कोई ऐसा सुंदर

कोई ऐसा सुंदर सहज रास्ता मुझे बतलाऐं,

मै दाना डालूँ कौव्वे कांव कांव करते आएं,

गर दाना पानी न भी हो कभी हाथ में मेरे,

मै जहाँ चाहूँ एक आवाज़ पे मेरी चले आएं।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-107

 

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