सभी तो महरूम हैं किसी न किसी बात से,
कहाँ किसी को मुकम्मल जहाँ मिलता है।
जितना साथ तुझको मिल गया "अजनबी",
उतना किसी अजनबी को कहाँ मिलता है।
कहाँ किसी को मुकम्मल जहाँ मिलता है।
जितना साथ तुझको मिल गया "अजनबी",
उतना किसी अजनबी को कहाँ मिलता है।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-163
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