6.4.24

Q-162 ज़िन्दगी में, न उसूलों

ज़िन्दगी में, न उसूलों की कोई कीमत,
न खिलखिलाते फूलों की कोई कीमत,
बड़े बेमुरव्वत खुश्क लोग होते हैं जिन्हें,
चरागों की, न उजालों की कोई कीमत।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  Q-162

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