12.3.24

M-085 कुछ भी हो उसे मैं

कुछ भी हो उसे मैं भुला ना पाऊंगा,
भुलाऊंगा तो खुद ही खो जाऊंगा,
उसी पर तो मेरे सारे पासवर्ड बने हैं,
उसे भुलाके कहीं का न रह जाऊंगा।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-085

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