9.12.23

S-296 पहले तो लुटा दीं

पहले तो लुटा दीं हमने अनमोल खुशियां लोगों पर,
अब ख़ुद तरस रहे हैं एक मामूली सी ख़ुशी के लिए।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-296

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