7.12.23

M-080 ले गया अहंकार

ले गया अहंकार सब रिश्ते-नातों को,
अवसरवाद की पोटली में लपेटकर।
पश्चाताप और कटु अनुभव ही बचे हैं, 
जीना पड़ेगा अब उन्ही को समेटकर।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  M-080

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