4.11.23

Q-139 ख़ुश फ़हमी में झूंटी

ख़ुशफ़हमी में झूंटी 'वाह' को सच मान लेता हूँ।
मैं हर मस्नूई मुस्कुराहट को सच मान लेता हूँ।
हसीनों के हर ज़ाहिरा झूंट को समझ कर भी,
बार-बार उनकी हर बात को सच मान लेता हूँ।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-139

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