ख़ुशफ़हमी में झूंटी 'वाह' को सच मान लेता हूँ।
मैं हर मस्नूई मुस्कुराहट को सच मान लेता हूँ।
हसीनों के हर ज़ाहिरा झूंट को समझ कर भी,
बार-बार उनकी हर बात को सच मान लेता हूँ।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-139
मैं हर मस्नूई मुस्कुराहट को सच मान लेता हूँ।
हसीनों के हर ज़ाहिरा झूंट को समझ कर भी,
बार-बार उनकी हर बात को सच मान लेता हूँ।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-139
No comments:
Post a Comment