1.8.23

S-275 ज़िद बड़ी शय है

ज़िद बड़ी शय है जिंदगी से भी बढ़के,
लोग ज़िन्दगी छोड़ सकते हैं ज़िद नहीं।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-275

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